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Showing posts from July, 2020

wuju aur gusl ke farz aur sunnat in hindi

wuju ke farz aur sunnat
इस पोस्ट में हम नमाज़ के लिए सबसे अहम् चीज़ wudu (वुजू )के बारे में पढ़ेंगे। नमाज़ के लिए जरुरी है की हम नापाक न हों यानी हमें ग़ुस्ल करके नहाना च्चिए जिसका तरीका मैंने निचे इसी पोस्ट में बताया है। इसके बाद जरुरी है की हम नमाज़ पढ़ने से पहले वुजू करें इसलिए मैंने wudu steps को यहाँ बताया है। वुजू के लिए कुछ फ़र्ज़ है जिनके बिना वुजू नहीं होता है उन्हें धयान में रखना जरुरी है। मैंने वुजू के फ़र्ज़ के अलावा वुजू के फ़र्ज़ ,वाजिब,सुन्नत आदि को सही तरीके से बताया है ताकि समझने में कोई परेशानी न हो।  वुजू की दुआ :-वुजू करने से पहले हमें बिस्मिल्लाह पढ़ना चाहिए और वुजू करने के बाद निचे वाली दुआ पढ़नी चाहिए  Ashadu an la ilaha illallah wa Ashad Anna Muhammadan Rasululullah वुज़ू के फर्ज़एक बार अच्छी तरह हर उज़्व (अंग) का धोना :-सरीर की हर अंग को धोना फ़र्ज़ है पूरा चेहरा धोना :-पेसानी से लेकर थोड़ी तक चेहरे को पूरी तरह तीन बार धोना फ़र्ज़ है। दाढ़ी है तो उसमे भी हाथ घुमाये ताकि कोई बाल सूखा न रह जाए। दोनों हाथ कुहनियों समेत धोना:-दोनों हाथों को अच्छी तरह से कोहनी तक धोएं। टखनों समेत दोनों पाँव…

eid ul adha namaz ka tarika in hindi

नमाजे ईद की तरकीब(eid ul adha namaz ka tarika)हम निचे दी गयी स्टेप्स से ईद की नमाज़ सीखेंगे :-
नियत करें :- की मैंने दो रकाअत नमाजे ईदुलअजहा की छह ज़ायद तकबीरों के साथ मुंह काबा शरीफ की तरफ, पीछे इस इमाम के अल्लाहु अकबर-तकबीर के बाद हाथ बांधे  सना पढ़े :- सना (सुब्हान कअल्ला हुम्मा) पढ़ी जाएगी। तकबीरें पढ़ें :-  फिर इमाम के साथ दोबारा हाथ उठाकर तीन तकबीरें कही जाएगी। तीसरी तकबीर के बाद हाथ बांध लिए जाएंगे।  इमाम की किरअत. और रूकूअ व सुजूद से फारिग होगा।  दूसरी रकात :- दूसरी रकअत में रूकूअ में जाने से पहले तीन तकबीरें हाथ उठाकर कही जाएंगी और चौथी तकबीर बगैर हाथ उठाए कहते हुए रूकूअ में जाएंगे।  नमाज के बाद इमाम खुत्वा पढ़ेगा। नमाजी खामोशी से खुत्वा सुनेंगे, खुत्बे के बाद दुआ से फारिग होकर मुसाफह व मुआनका (गले मिलना) करना हुजूर स्वलल्लाहो अलैहे वसल्लम की सुन्नत है।  मैंने ऊपर बेहतर तरीके से आया है की eid ul adha की नमाज़ कैसे पढ़े।  बात यह है की ईद उल फ़ित्र की नमाज़ भी ऐसे ही पढ़ी जाती है बस  नियत करते वक़्त ईद उल अजहा की जगह ईद उल फ़ित्र कहना होता है। bakra eid kab hai 2020 :-बकरा ईद जुल हिज्जाह के महीने की…